हिंदी न्यूज़ – बेटी बचाओ, मेडल जिताओ! Asian Games में छोरियों ने दिलाई बड़ी कामयाबी!

By | February 14, 2019


जकार्ता में हुए 18वें एशियन गेम्स में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 69 मेडल जीते. ये एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. भारत ने 15 गोल्ड, 24 सिल्वर और 30 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर ग्वांग्झो में हुए एशियन गेम्स का रिकॉर्ड तोड़ा, जहां उसने 65 मेडल जीते थे.

हिंदुस्तान की इस रिकॉर्डतोड़ कामयाबी में उसकी महिला खिलाड़ियों का बड़ा हाथ रहा. महिलाओं ने शूटिंग, एथलेटिक्स, स्क्वॉश, शूटिंग, कुराश समेत कई खेलों में अपना लोहा मनवाया. मेडल्स जीतने के मामले में महिला खिलाड़ियों ने पुरुषों को कड़ी टक्कर दी. अगर पुरुष और महिला खिलाडि़यों की हिस्‍सेदारी के लिहाज से बात करें तो महिलाओं का पलड़ा भारी रहा. आइए एक नजर डालते हैं एशियन गेम्स में महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर:

महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शनएशियन गेम्स में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने कुल 28 मेडल्स अपने नाम किए. महिला खिलाड़ियों ने 5 गोल्ड, 12 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए. वहीं पुरुषों ने 10 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज के साथ कुल 36 मेडल जीते. वहीं मिक्स्ड इवेंट्स में भी महिलाओं ने देश को 1 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जिताने में अहम भूमिका अदा की. वैसे सिर्फ महिला-पुरुषों के मेडल्स की बात की जाए तो महिला खिलाड़ियों ने भले ही पुरुषों के मुकाबले 8 मेडल कम जीते हैं लेकिन ये भी सच है कि उनकी संख्या पुरुष खिलाड़ियों के मुकाबले कम भी थी.

इन खेलों में महिलाओं ने पुरुषों को हराया
एशियन गेम्स में कई खेलों में भारतीय महिलाओं ने पुरुषों से अच्छा प्रदर्शन किया. हॉकी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने सिल्वर मेडल जीता, तो वहीं पुरुष टीम को ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा.

बैडमिंटन में तो पीवी सिंधु और सायना नेहवाल ने देश को ऐतिहासिक कामयाबी दिलाई. पीवी सिंधु एशियाड में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं, वहीं सायना ने सबसे पहले ब्रॉन्ज जीत हासिल कर देश को गौरवान्वित किया.

 

कुश्ती में भारत ने 3 मेडल हासिल किए, जिसमें से दो महिला पहलवानों ने दिलाए. 50 किग्रा. वर्ग में विनेश फोगाट ने स्वर्ण पदक जीत इतिहास रचा. विनेश एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पहली महिला पहलवान बनी. दिव्या काकरान ने भी ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया.

हॉकी में भी महिला टीम पुरष टीम से आगे रही. महिला टीम ने सिल्वर मेडल हासिल किया तो वहीं पुरुष टीम ब्रॉन्ज मेडल ही हासिल कर सकी.

कबड्डी में भी महिला टीम ने पुरुषों के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन किया. महिला टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया और पुरुष टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा. जबकि एशियन गेम्स में कुराश खेल पहली बार शामिल किया गया जिसमें पिंकी बलहारा ने सिल्वर मेडल और मलाप्रभा जाधव ने ब्रॉन्ज मेडल जीता.

स्क्वॉश में भी भारतीय महिलाओं का दबदबा रहा और उन्होंने 2 ब्रॉन्ज और एक सिल्वर के साथ कुल 3 मेडल अपने नाम किए. जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल ने वीमेंस सिंगल्स में ब्रॉन्ज जीता तो वहीं वीमेंस टीम इवेंट में भी सिल्वर मेडल मिला.

एथेलेटिक्स में भारतीय महिलाओं पर पुरुष जरूर भारी पड़े लेकिन स्वपना बर्मन, दुती चंद और हिमा दास जैसी एथलीट्स ने पूरे हिंदुस्तान को अपना मुरीद बनाया. स्वपना बर्मन हेप्टाथेलॉन में गोल्ड जीत इतिहास रचा तो वहीं स्प्रिंट क्वीन दुती चंद ने 100 मीटर, 200 मीटर में दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए. हिमा दास ने 400 मीटर में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. साथ ही 4×400 मीटर रिले रेस में महिला टीम ने गोल्ड मेडल जीता. 3 हजार मीटर स्टीपल चेज में सुधा सिंह और नीना वराकिल ने लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीता. शूटिंग में भी राही सरनोबत ने गोल्ड पर निशाना लगाकर देश का मान बढ़ाया.





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