हिंदी न्यूज़ – फुटबॉल में बड़ा नाम बनने के लिए कोई भी ‘कुर्बानी’ दे सकता है ये कश्‍मीरी खिलाड़ी

By | February 12, 2019


फुटबॉल में बड़ा नाम बनने के लिए कोई भी 'कुर्बानी' दे सकता है ये कश्‍मीरी खिलाड़ी

शाहनवाज बशीर

भाषा

Updated: October 25, 2018, 5:55 PM IST

भारत में अक्सर खेल को सरकारी नौकरी पाने का जरिया माना जाता है, लेकिन कश्मीरी फुटबॉलर शाहनवाज बशीर को खेल में करियर बनाने से काफी पहले ही सरकारी नौकरी मिल चुकी थी.

आई लीग में डेब्‍यू करने जा रही रीयल कश्मीर एफसी का यह मिडफील्डर किसी भी सूरत में फुटबॉल के मैदान पर कामयाबी हासिल करने का अपना सपना पूरा करना चाहता है. भले ही इसके लिये उसे अपने जीवन में छोटी छोटी खुशियों से महरूम होना पड़े.

स्कॉटलैंड के डेविड राबर्टसन के मार्गदर्शन में अभ्यास में जुटी रीयल कश्मीर ने इस साल द्वितीय श्रेणी लीग जीतकर इतिहास रच दिया.

बशीर ने कहा ,‘मैं श्रीनगर में महालेखापाल के कार्यालय में वरिष्ठ लेखापाल हूं. यह नौ से पांच की नौकरी है लेकिन मुझे कुछ रियायत मिल जाती है. मैं एक घंटा देर से जा सकता हूं. महालेखापाल ने मुझे इसकी अनुमति दी है क्योंकि उन्हें कश्मीर में फुटबॉल के क्रेज और इसके सकारात्मक असर का इल्म है’उसने कहा ,‘मैं टीम के साथ सुबह आठ से दस तक अभ्यास करता हूं और फिर दफ्तर आता हूं. शाम को साढे पांच या छह बजे तक रूकता हूं. यह कठिन है लेकिन मैं खुश हूं.’

बशीर की माली हालत अब ठीक है लेकिन बचपन में उसने काफी तंगी का सामना किया है.

उसने बताया ,‘मेरे वालिद छोटे मोटे व्यापारी है और मां हाउसवाइफ है. मेरे पास अपनी फुटबॉल या जूते नहीं थे. मुझे दूसरों से मांगने पड़ते थे. मेरे पिता ने मेरे फुटबॉल खेलने का विरोध नहीं किया लेकिन मां को लगता था कि इससे मेरा कुछ भला नहीं होगा. मैंने जम्मू कश्मीर बैंक की फुटबॉल अकादमी में खेलना शुरू किया. इसके बाद तीन साल तक लोनस्टार कश्मीर के लिये खेलता रहा.

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