35 साल पहले स्पेस में 120 मिनट Yoga कर चुका है ये इंडियन, बेटा फिल्म डायरेक्टर; Wife इंटीरियर डेकोरेटर तो बेटी है मीडिया आर्टिस्ट





पटियालाअंतरिक्ष यानि स्पेस में कदम रखने वाले पहले भारतीय राकेश शर्मा थे। उनका जन्म 13 जनवरी 1949 को पंजाब के पटियाला में हुआ था। राकेश मात्र 21 साल की उम्र में ही साल 1970 में भारतीय वायुसेना में पायलट बन गए थे। आइए जानते हैं उनकी लाइफ से जुड़ी कुछ इंट्रेस्टिंग बातें…..

बेटा फिल्म डायरेक्टर तो पत्नी हैं इंटीरियर डेकोरेटर

– स्टार्सअनफोल्डेड वेबसाइट के मुताबिक, राकेश शर्मा के पिता देवेंद्रनाथ शर्मा और मां तृप्ता शर्मा थीं। उनकी पत्नी मधु पेशे से इंटीरियर डेकोरेटर हैं जबकि बेटा कपिल शर्मा फिल्म डायरेक्टर। वहीं उनकी बेटी कृतिका मीडिया आर्टिस्ट हैं। कपिल ने साल 2013 में आई, मी और मैं मूवी बनाई थी, जिसमें जॉन अब्राहम लीड रोल में थे।
– राकेश ने स्कूली शिक्षा हैदराबाद के सेंट जॉर्ज ग्रामर स्कूल से हासिल की। इसके बाद हैदराबाद के ही निजाम कॉजेल से ग्रेजुएशन किया।
– इसके बाद नेशनल डिफेंस एकेडमी में 4 साल की ट्रेनिंग के बाद एयरफोर्स में पोस्टिंग मिली और 1971 इंडो-पाक वार में उन्होंने 20 से ज्यादा उड़ानें भरीं।

ऐसे किया अंतरिक्ष का सफर

– एयरफोर्स पायलट राकेश शर्मा (Former Indian Air Force Piolt Rakesh Sharma) और रवीश मल्होत्रा को तत्कालीन PM इंदिरा गांधी की सरकार ने अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए चुना था। भारत ने इस मिशन के लिए सोवियत रूस से मदद मांगी थी।
– राकेश शर्मा और रवीश मल्होत्रा के अंतरिक्ष में जाने की बात तय होने के बाद उन्हें ट्रेनिंग के लिए रूस भेजा गया। हालांकि ट्रेनिंग से पहले यहां उन्हें रूसी भाषा सीखनी थी। वे रोज छह से सात घंटे तक रूसी भाषा सीखते थे। उन्होंने करीब 3 महीने में ठीकठाक रूसी सीख ली थी।
– ट्रेनिंग के बाद 2 अप्रैल 1984 को राकेश शर्मा ने Soyuz T-11 में सवार होकर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी। अंतरिक्ष में जाने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राकेश शर्मा से बातचीत भी की थी।

अंतरिक्ष में बिताए 7 दिन और किया Yoga

– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राकेश शर्मा ने 35 साल पहले अंतरिक्ष में जीरो ग्रेविटी के बीच योग किया था। उन्होंने योग के तीन सेशन किए थे। जीरो ग्रेविटी में पहला सेशन 25 मिनट, दूसरा 35 मिनट और तीसरा 1 घंटे का था। उन्होंने फ्लाइट अपने साथ मौजूद लोगों को योग करने की सलाह दी थी।

– उन्होंने अंतरिक्ष की कक्षा में 7 दिन, 21 घंटे और 40 मिनट गुजारे। वापस लौटने पर उन्हें सोवियत सरकार ने ‘हीरो ऑफ़ सोवियत यूनियन’ के सम्मान से नवाजा था।
– वहीं भारत सरकार की ओर से उन्हें शांतिकाल के सबसे उच्च बहादुरी पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया गया था।

PM इंदिरा ने पूछे थे ये सवाल

– जब राकेश शर्मा (Astronaut Rakesh Sharma) स्पेस में थे तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Ex Prime Minister Indira Gandhi) ने उनसे बात की थी। इसका वीडियो भी इंटरनेट पर मौजूद है। इंदिरा ने उनसे 3 सवाल किए थे। पहला ट्रेनिंग कैसी थी, दूसरा भारत कैसा दिखता है, तीसरा तबियत कैसी है और परिवार के लिए कुछ कहना चाहते हैं?
– इंदिरा के पहले सवाल के जवाब में राकेश शर्मा ने कहा था- ट्रेनिंग कठिन और बेहद जरूरी थी। दूसरे सवाल का जवाब था- मैं बगैर किसी झिझक के कह सकता हूं कि 'सारे जहां से अच्छा'। तीसरे सवाल का जवाब था- तबियत अच्छी है, आते ही फूलों और गर्म खाना मिला था, हम यहां मजे में हैं।

आजकल क्या कर रहे हैं राकेश शर्मा?

– एस्ट्रोनॉट राकेश शर्मा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे रिटायर होने के बाद IIT और IIM में जाते हैं। मोटिवेशनल लेक्चर देते हैं, जो भी अनुभव हासिल किया है उसे लोगों से साझा करते हैं।
– उन्होंने कहा था कि जब आपको कोई काम दिया जाता है तो उस वक़्त सारा फोकस काम पर होता है। अंतरिक्ष के बारे में हमें बहुत कम ज्ञान है। हम हर दिन नई चीजों की तलाश करते हैं।

– पुराने गाने सुनना, पेंसिल से बने स्केचेज कलेक्ट करना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी राकेश शर्मा की हॉबीज हैं।

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राकेश शर्मा



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