सुलझने की बजाए उलझी कठुआ गैंगरेप मामले की गुत्थी

कठुआ रेप केस में हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं, जिससे इस मामले की गुत्थी सुलझने की बजाए उलझती जा रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा अदालत में पेश की गई चार्जशीट तो पहले से ही सवालों के घेरे में है, लेकिन शुक्रवार को कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उजागर हुई पीड़ित बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने अपना नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि मीडिया रिपोर्ट में आई बच्ची के साथ रेप न होने की बात सही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बच्ची के साथ रेप होना तो सम्भव है। अब जिस तरह से इस मामले को बार-बार गैंगरेप का नाम देकर उलझाने का प्रयास किया गया है, बच्ची के पोस्टमार्टम में उस तरह के तथ्य (चोट के निशान) नहीं मिले हैं और गैंगरेप की बात झूठी है।

आरोपियों ने की थी नार्को टैस्ट की मांग
सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में जो तथ्य पेश किए गए थे, उनमें भी शुरू से ही विरोधाभास रहा है। आरोपियों को जब अदालत में पेश किया था तो उन्होंने पहले ही दिन अपने नार्को टैस्ट की मांग कर खुद को निर्दोष बताने की कोशिश की थी। क्राइम ब्रांच द्वारा बच्ची के साथ रसाना गांव के मंदिर में गैंगरेप किए जाने का दावा करने के बाद जहां देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए, वहीं संयुक्त राष्ट्र में मामला जाने के बाद भाजपा को 2 मंत्रियों की छुट्टी करने पर विवश होना पड़ा। इन दोनों का कसूर सिर्फ इतना था कि वे क्राइम ब्रांच की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री महबूबा से सी.बी.आई. जांच की मांग कर रहे थे।

छेंगैल में रोकी ट्रेन
हावड़ा (प.स.): पश्चिम बंगाल के हावड़ा के निकट बड़ी तादाद में लोगों ने कठुआ रेप केस मामले में न्याय की मांग करते हुए छेंगैल रेलवे स्टेशन को जाम कर दिया। रेलवे सूत्रों ने बताया कि रेल जाम सुबह साढ़े 7 बजे शुरू हुआ जिससे रेल सेवा बाधित रही। दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकारी ने कहा कि बातचीत के बाद इस रेल जाम को करीब 11 बजे वापस ले लिया गया। इस बीच इसी मांग को लेकर कुछ लोगों ने सुबह 6 बजे निमडीही के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-6 को जाम कर दिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद इस जाम को खुलवाया गया।