संपर्क कर हादसे की सूचना दी

इंदौर, – अपनी शादी की पत्रिका बांटने जा रही महिला सहायक प्रबंधक को मंगलवार दोपहर पानी के टैंकर ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के बाद घटना स्थल से गुजर रहे डॉक्टर ने उपचार कर उसे बचाने का प्रयास भी किया, परंतु धड़कनों की गति कम होने पर उसे इलाज के लिए एमवाय ले जाने की सलाह दी। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल पर मौजूद राहगीरों ने शादी के कार्ड पर लिखे पिता के मोबाइल पर संपर्क कर हादसे की सूचना दी। बैंक में छुट्टी होने से प्रबंधक अपने परिचितों को कार्ड बांटने निकली थी। एक माह बाद उनकी शादी होने वाली थी
एमआईजी पुलिस के अनुसार मृतक साक्षी (28) पिता अशोक निगम निवासी महालक्ष्मी नगर है। मूलतः वह उज्जैन की रहने वाली थी। वह महालक्ष्मी नगर में रूम पार्टनर पूनम के साथ रहती थी। वह निजी बैंक में सहायक प्रबंधक (वित्त) थीं। उनके पिता उज्जैन में सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। भाई देवेश चुरु (राजस्थान) में मोबाइल कंपनी में नौकरी करता है। पुलिस के अनुसार घटना मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मालवा मिल औऱ पाटनीपुरा के बीच बेकरी गली के सामने हुई थी। साक्षी अपनी दोपहिया गाड़ी से गुजर रही थी। पीछे से आ रहे नगर निगम के पानी के टैंकर ने बेकरी गली के पास उसे पीछे से टक्कर मार दी। इससे वह गाड़ी सहित नीचे गिर गई।
इसी दौरान टैंकर का पिछला पहिया उसके सिर से टकरा गया। हादसे के बाद मौके पर भीड़ लग गई। किसी राहगीर ने उसके गाड़ी से मिले शादी के कार्ड पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क करके पिता को घटना की सूचना दी। हादसे की जानकारी लगते ही पिता ने साक्षी के मंगेतर राहुल श्रीवास्तव को मौके पर भेजा। राहुल ने बताया कि वह पहुंचा तो घटना स्थल पर उसके फूफा जगप्रसाद श्रीवास्तव मिल गए। उनसे पूछताछ के बाद वह साक्षी को लेकर एमवाय अस्पताल आ गया। वहां डॉक्टरों ने साक्षी की मौत की पुष्टि कर दी। उल्लेखनीय है कि जुलाई में ही उसकी सगाई हुई थी।
जगप्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि घटना स्थल पर उनकी आभूषणों की दुकान है। टैंकर चालक साक्षी की गाड़ी को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान टैंकर का अगला हिस्सा साक्षी की गाड़ी में लगा। इससे वह गाड़ी सहित नीचे गिर गई थी। टैंकर चालक ने भागने का प्रयास किया तो साक्षी के सिर के पास टैंकर का पिछला पहिया पहुंच गया। टायर से उसका सिर टकरा गया। इससे उसके नाक और मुंह से खून निकलने लगा था। भीड़ इकट्ठा होने पर टैंकर चालक गाड़ी सहित भाग गया। इसी दौरान वहां से कार सवार किसी डॉक्टर का गुजरना हुआ। हादसे की जानकारी लगने के बाद वह साक्षी के पास पहुंचे। अपना परिचय देकर वह प्राथमिक उपचार करने लगे। डॉक्टर ने उसके सीने पर हाथ रखकर कई बार पंपिंग की। धड़कनें की गति धीमी होने पर घायल को तुरंत अस्पताल ले जाने की नसीहत दी।