संध्याकाल में सामूहिक धर्म चक्र किया गया,

बोकारो : आनंद नगर में आयोजित आनंद मार्ग प्रचारक संघ के विश्वस्तरीय धर्म महासम्मेलन के प्रथम दिन साधक-साधिकाओं ने ब्रह्म मुहूर्त में गुरु सकाश, पां†चजन्य एवं योगासन का अभ्यास अनुभवी आचार्य के निर्देशन में किया। संध्याकाल में सामूहिक धर्म चक्र किया गया, जिसमें आनंद मार्ग प्रचारक संघ के पुरोधा प्रमुख श्रद्धेय आचार्य विश्वदेवानंद अवधूत ने कहा कि डरने की कोई जरूरत नहीं, परम पुरुष हमारे साथ हैं। परम पुरुष के बाहर में और कोई दूसरी सत्ता नहीं है, क्योंकि सबकुछ उनकी मानस कल्पना है। इसलिए उनके लिए सिर्फ एक ही जगह है, कोई मनुष्य अगर चाहे कि वे परमात्मा के परम पुरुष के मन के बाहर चला जाऊं बाहर रहूं नहीं हो सकेगा। कहा कि जो विश्व ब्रह्मांड है, इसकी सेवा करने से ही परम पुरुष की सेवा हो गई। क्योंकि उसे परम पुरुष खुश होते हैं, तो भक्तों की पहुंच परमपुरूष तक है, वह सेवा करेंगे तो नजदीक पहुंच ही जाएंगे। कहा कि मानव की पैदाइशी परम पुरुष से हुई है। परम पुरूष पिता है, परम पुरूष रिश्ता है, इसलिए कोई भी मनुष्य छोटा नहीं है। कोई भी मनुष्य छोटी जात के नहीं हैं और कोई भी मनुष्य ऊंची जात का नहीं होता। क्योंकि परम पुरूष उनके पिता हैं इसलिए कोई छोटा नहीं हो सकता। किसी भी हालत में अकेले नहीं हो, हमेशा परम पुरूष तुम्हारे साथ हैं। तुम्हारे माफिक शक्तिशाली दुनिया में और कोई और कौन है तो किसी भी हालत में हमें घबराना नहीं है और हमेशा यह बात याद रखना है कि परम पुरुष हमारे साथ हैं।