विद्रोह का बिगुल बजाने वाले विधानसभा में विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा के सुर नरम

चंडीगढ़ – आम आदमी पार्टी की पंजाब यूनिट में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के माफीनामे के बाद उठा बवाल थमता नजर आ रहा है, क्योंकि इस माफीनामे के बाद विद्रोह का बिगुल बजाने वाले विधानसभा में विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा के सुर नरम पड़ गए हैं। पार्टी हाईकमान के संदेश पर अपने सहयोगियों सहित दिल्ली न जाने की घोषणा कर चुके खैहरा ने कहा कि क्योंकि केजरीवाल ने अपना स्टैंड पार्टी विधायकों के साथ क्लीयर कर लिया है। इसलिए अब मामला समाप्त समझा जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि मामले पर उनका व उनके सहयोगियों का स्टैंड स्पष्ट है। बेशक यह केजरीवाल के माफीनामे से मेल नहीं खाता। लेकिन क्योंकि केजरीवाल के तर्क से उनसे मिलने गए विधायक संतुष्ट हैं। इसलिए अब इस मामले को समाप्त समझा जाना चाहिए। खैहरा मंगलवार से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र दौरान पार्टी की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई पार्टी विधायकों की बैठक के बाद पत्रकारवार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह खुद बजट सत्र के बाद दिल्ली में पार्टी हाईकमान के नेताओं से मिलने जाएंगे। खैहरा द्वारा बुलाई गई विधायकों की इस बैठक में 20 में से 13 पार्टी विधायक ही शामिल हुए। उनमें से भी 5 वे विधायक थे जो गत दिवस दिल्ली में आयोजित बैठक में हिस्सा लेकर आए थे।