मूलभूत सुविधाओं के आभाव में महलकलां का प्राथमिक सेहत केंद्र

भदौड़ (विजय जिंदल) प्रदेश सरकार व सेहत विभाग द्वारा लोगों को अच्छी सेहत सहुलतें मुहैया करवाने के लिए करोड़ों रुपए की लागत से सिविल अस्पताल की नई इमारत बनाकर सेहतमंद प्रदेश बनाने का दावे किए जा रहे हैं। परन्तु दूसरी तरफ सिविल अस्पताल में डॉक्टरों व कर्मचारियों की कमी कारण इमरजेंसी सेवाएं ठप होकर रह गई है। ऐसा ही कम्युनिटी हेल्थ सेंटर महलकलां में देखने को मिलता है। ज्ञातव्य है कि पूर्व अकाली-भाजपा सरकार समय पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन द्वारा 9 करोड़ की लागत से बनाया प्राथमिक सेहत केंद्र महल कलां अभी भी कई सुविधाओं से वंचित है। इस सेहत केंद्र में आंखों के डॉक्टर, सर्जन व गायनी विशेषज्ञ के पद रिक्त पड़े हैं व स्पेशलिस्ट डॉक्टर कोई भी नहीं है। इसके अलावा दो एएनएन, दो मेल वर्कर्स व 14 पद दर्जा चार मुलाजिमों के पद भी रिक्त पड़े हैं। लंबे समय से एक्स-रे मशीन को चलाने के लिए रेडियोग्राफर नहीं होने के कारण मुश्किल बनी हुई है, एंबुलेंस का कोई ठोस प्रबंध नहीं है। एंबुलेंस व चालक भी अस्थाई तौर पर तैनात है, जो सिर्फ तीन दिन के लिए सिविल अस्पताल भदौड़ से यहां ड्यूटी करने आता है। अगर कोई जच्चा-बच्चा केस हो तो सिर्फ नार्मल डिलीवरी वाली महिलाओं को ही रखा जाता है, इसके अलावा सभी मामलों को सिविल अस्पताल बरनाला के लिए रैफर कर दिया जाता है या आम लोगों को महंगे प्राईवेट अस्पतालों में अपना इलाज करवाना पड़ता है। इस संबंधी एसएमओ हरजिन्दर ¨सह आंडलू ने कहा कि यह एक कम्युनिटी हेल्थ है, यहां सिर्फ प्राथमिक सुविधाएं मुहैया हैं। इस अवसर पर समाजसेवी मंगत ¨सह सिद्धू, मास्टर यशपाल ¨सह, तर्कशील नेता गुरदीप ¨सह सोडा, मलकीत ¨सह ईना, देहाती मजदूर सभा के जिला महासचिव भोला ¨सह कलालमाजरा ने कहा कि इस प्राथमिक सेहत केंद्र अधीन 38 गांव के लोगों को सेहत सुविधाएं प्रदान करता है परन्तु डाक्टरों की कमी होने के कारण क्षेत्र निवासियों को विभिन्न शहर के प्राईवेट अस्पतालों में अपना इलाज करवाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में घायल मरीजों को ज्यादा सिविल अस्पताल बरनाला रैफर कर दिया जाता है, जिस कारण वह रास्ते में ही दम तोड़ जाते हैं। उन्होंने मांग की कि यदि सुविधाएं सेहत केंद्र महल कलां में मुहैया करवाई जाएं, तो कई कीमती जान को मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सकता है।