बाबा दीप सिंह वैलफेयर सोसायटी की ओर से नशों के विरुद्ध विशाल रैली रविवार को

लुधियाना – (अजय पाहवा) चिट्टा अर्थात् सफेद सिंथैटिक नशा, जिसमें आज पंजाब की युवा पीढ़ी बुरी तरह से डूबी हुई है, के संदर्भ में बाबा दीप ङ्क्षसह वैलफेयर सोसायटी लुधियाना की ओर से आठ जुलाई को एक मोटरसाइकिल और कार रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह रैली गिल रोड स्थित दाना मंडी से शुरू होकर गिल रोड, बस स्टैंड, भारत नगर चौक, भाई बाला चौक, आरती चौक, दीपक अस्पताल से होती हुई माडल टाऊन स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में समाप्त होगी। इस रैली का आरंभ समय सायं 3 बजे है और इस में विभिन्न संगठनों के नेता, बुद्धिजीवि, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकत्र्ता और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस संदर्भ में जानकारी देते हुए सोसायटी के प्रमुख कुलवंत ङ्क्षसह सिद्धू ने बताया कि पंजाब की 80 प्रतिशत युवा पीढ़ी बुरी तरह से नशों की दल-दल में धंस चुकी है। उन्होंने कहा कि इतिहास बताता है कि मुश्किलों के दौर में यहां के लोगों ने देश, जाति और धर्म की रक्षा के लिए बहुत से बलिदान दिये, परन्तु आज की युवा पीढ़ी इन सभी बातों को दर किनार करके पंजाब और अपने परिवार का नामो निशान जड़ से मिटा रही है। उन्होंने कहा कि हम सभी को राजनीति से ऊपर उठकर पंजाब के नागरिक के तौर पर इस बुराई को यहां से दूर करने के लिए मिलकर हल्ला बोलना चाहिए और ऐसे में हम रविवार को एक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशों से छुटकारा पाने के लिए जिन नशा मुक्त दवाओं का हम सेवन करते हैं, वह अंदर ही अंदर हमारे लिवर और किडनियों को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। किसी समय पंजाब की हरित क्रांति देश भर में अव्वल नम्बर पर थी और आज हम नशा क्रांति में नम्बर एक पर हैं। पिछले दो दशकों से हम इस रोग का संताप झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को सरकार, नारकोटिकस विभाग व अन्य संगठनों के साथ मिलकर आगे आना चाहिए। किसी समय ब्रैड बास्केट कहे जाने वाला पंजाब आज ड्रग्ज की रेडीमेड मार्किट बन चुका है। मौजूदा समय हम सभी को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं। उन्होंने राज्य के सभी मनोरोग केंद्रों और चिकित्सकों को आग्रह किया कि वह सभी मिलकर आगे आयें और समय-समय पर छोटे-बड़े सभी शहरों में नशा मुक्त शिविरों का आयोजन करें। उन्होंने कहा कि ओवरडोज लेने के कारण एक वर्ष में पंजाब में दो हजार से अधिक मौतें हो रही हैं, जिन्हें रोका जा सकता है। स्मरण रहे कि राज्य में यह सप्ताह नशों को दूर करने के लिए नशा मुक्त पंजाब के रूप में मनाया जा रहा है। इस मौके पर अन्यों के अलावा हृदयपाल सिंह ढींडसा, गुरप्रताप सिंह मन्नू, हरदीप सिंह ढांडसा, हरजिंदर सिंह ग्रेवाल, धर्मवीर प्रधान, भुपिंदर सिंह चावला, राजिंदर बाजवा, हरमीत सिंंह भोला, एच एस दयोल,नरिंदरपाल सिह जरनैल सिंह तूर, मुकेशअग्रवाल, ईकबाल सिंह भल्ला, के पी राणा, मुनीष सचदेवा, पहलवान दुगरी, भुपिंदर ढांड़ा, रुपिंदर रिंकू, हैपी ब्राड, कर्म मक्कड़, धर्मिंद्र खामिद अली आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।