पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और पूर्व वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा के बीच पेंच फंसा

चंडीगढ़  – शिरोमणि अकाली दल ने अपने नेता की तलाश शुरू कर दी है। अजीत सिंह कोहाड़ के निधन के बाद यह सीट खाली हुई है। विधायक दल के नेता के लिए पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और पूर्व वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा के बीच पेंच फंसा हुआ है।  अकाली दल अपने नेता के चयन को लेकर इसलिए भी मंथन कर रही है क्योंकि नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैहरा अपनी आक्रामक छवि के कारण जाने जाते हैं। पार्टी में इस बात को लेकर मंथन चल रहा है कि खैहरा को देखते हुए क्या आक्रामक नेता के हाथ में ही कमान सौंपी जाए। अगर आक्रामक छवि वाले नेता का चयन किया जाता है, तो बिक्रम सिंह मजीठिया सबसे ऊपर हैं, जबकि परमिंदर सिंह ढींडसा शांत प्रवृत्ति वाले नेता हैं। विधानसभा में तस्वीर को देखते हुए अकाली दल मजीठिया को कमान सौंपना चाहता है, क्योंकि मजीठिया न सिर्फ आक्रामक हैं, बल्कि उनका शब्दों पर कंट्रोल भी अच्छा है।