निगम ने थ्री स्टार मांगे, मिलेंगे सिर्फ टू स्टार, वजह: बड़े संस्थानों में वेस्ट प्रोसेसिंग मशीनें आैर गार्बेज सेग्रिगेशन नहीं






इसी महीने स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 शुरू होने के बाद नगर निगम ने शहर की रैंकिंग सुधारने के लिए हाथ पांव मारने शुरू किए हैं। सर्वेक्षण में 1 से लेकर 7 तक स्टार रेटिंग का सर्टिफिकेट भी दिया जाना है। निगम ने थ्री स्टार रेटिंग के लिए अप्लाई किया है। इससे पहले टू स्टार रेटिंग के लिए राज्य सरकार के पास अप्लाई किया गया था, जिसमें गार्बेज फ्री सिटी को लेकर करीब 10 सवालों का जवाब दिया गया। इस पर निगम को राज्य सरकर ने टू स्टार सर्टिफिकेशन के लिए खरा पाया। अब थ्री स्टार रेटिंग के लिए आवेदन किया गया है। गीला-सूखा कूड़ा अलग नहीं होने, सभी 85 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं होने, बलक वेस्ट जेनरेटर आइडेंटिफाई किए जाने के बाद उनके स्तर पर कूड़ा प्रबंधन नहीं होने की वजह से थ्री स्टार रेटिंग मिलना संभव नहीं है।

निगम ने शहर में रोजाना 100 किलो से ज्यादा वेस्ट प्रोड्यूस करने वाले 720 संस्थानों की पहचान तो कर ली है, लेकिन इनमें से सिर्फ 6 संस्थान ही अपने स्तर पर वेस्ट प्रोसेसिंग मशीन लगाकर कूड़ा प्रबंधन सिरे चढ़ा रहे हैं। मगर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, गीला-सूखा कूड़ा अलग करने, बलक वेस्ट जेनरेटर के स्तर पर कूड़ा प्रबंधन नहीं होने, सभी वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा लिफ्टिंग, कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट की ट्रीटमेंट, साइंटिफिक वेस्ट प्रोसेसिंग, साइंटिफिक लैंडफिलिंग, प्लास्टिक बैग बैन पूरी तरह से लागू नहीं होने जैसी मुख्य शर्तों में अमृतसर सिटी के नंबर कटने वाले हैं। वहीं स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर कटते हुए देख निगम ने अब होटलों व अन्य संस्थानों के चालान काटने शुरू कर दिए हैं। इसी तरह से बैन प्लास्टिक लिफाफों के चालान भी काटने शुरू किए गए हैं।

सर्टिफिकेशन, डायरेक्ट आॅब्जर्वेशन, सिटीजन फीडबैक के भी 1250-1250 नंबर

सर्वेक्षण में सर्टिफिकेशन, डायरेक्ट आब्जर्वेशन, सिटीजन फीडबैक, सर्विस लेवल प्रोग्रेस के बराबर नंबर रखे गए हैं। इन सभी में प्रति कैटेगरी के लिए 1250 नंबर रखे गए हैं। इसमें डोर टू डोर कूड़ा लिफ्टिंग, गीला-सूखा कूड़ा विभाजित करने, वेस्ट पिकर को साथ जोड़ने, सफाई व्यवस्था, शहर बिन फ्री है कि नहीं, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सेनिटेशन पर रेवेन्यू का कितना शेयर खर्च हो रहा है, बलक जेनरेटर का कूड़ा प्रबंधन, कम्युनिटी व पब्लिक टायलेट सीवरेज से कनेक्ट हैं कि नहीं, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से कितने फीसदी गंदा पानी ट्रीट हो रहा है, अफसरों की ट्रेनिंग, सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए बनाए गए बॉयलॉज, निगम के एफर्ट वगैरह पर मुख्य तौर पर फोकस रहेगा।

कुल 5 हजार नंबरों में से सिटीजन फीडबैक के 1250 नंबर आप के हाथ

स्वच्छता सर्वेक्षण की बात करें तो सिटीजन फीडबैक के तहत जनता अपने शहर को 1250 नंबर दिला सकती है। बशर्ते कि सर्वेक्षण के लिए भेजी गई टीम के सवालों के सही जवाब दिए जाएं। जिसमें स्वच्छता एप डाउनलोड करने और उसके जरिए शिकायतों का सही समय पर निपटारा होने, स्वच्छता सर्वेक्षण के बारे में जागरूक होने, कूड़ा लिफ्टिंग समय पर होने, आपके आस-पास सफाई है या नहीं जैसे सवाल पूछे जाएंगे।

रैंकिंग सुधारने के लिए यहां जोर देना होगा

<img src="images/p3.png" पिछली बार शहर को सर्विस लेवल प्रोग्रेस में मात्र 10.42 फीसदी अंक मिले थे। इस बार रैंकिंग बेहतर बनाने के लिए कलैक्शन- ट्रांसपोर्टेशन, इनोवेशन, कैपेसिटी बिल्डिंग, आईसी एंड बिहेवियर चेंजेंस के अंक मिलने थे।

<img src="images/p3.png" इसी तरह से सिटीजन फीडबैक में शहर के लोग सर्वेक्षण टीम को सही जवाब नहीं दे पाए थे और इसमें से सिर्फ 57 फीसदी अंक आए थे। ऐसे में सफाई व्यवस्था को लेकर निगम के प्रयासों और चलाई जा रही मुहिम, स्वच्छता एप के बारे में लोगों को जागरूक करने पर जोर देने की जरूरत है।

<img src="images/p3.png" यहां-वहां कूड़ा फेंकने की जगह डस्टबिन में ही डालें।

<img src="images/p3.png" स्वच्छता एप का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के साथ ही शिकायतें समय पर हल की जाएं।

<img src="images/p3.png" सर्वेक्षण टीम को पूरा और सही फीडबैक दें।

पिछले साल 208वीं रैंक मिली थी : पिछली बार 10 लाख से ऊपर की आबादी वाले 485 शहरों में अमृतसर को 208वां रैक मिला था। इससे पहले वर्ष 2017 में 434 शहरों में करवाए गए सर्वेक्षण में शहर का 258वां रैंक आया था।

<img src="images/p2.png"स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग सुधारने के लिए दो महीने पहले से टीमें मेहनत कर रही हैं। ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वच्छता एप का इस्तेमाल करना चाहिए, निगम इनका समय पर निपटारा करने में लगा हुआ है। -सोनाली गिरि, निगम कमिश्नर

टीम पिछले दो महीने से मेहनत कर रही: गिरि

निगम की तरफ से ये प्रयास किए जा रहे

<img src="images/p3.png" सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए जोनल सिस्टम के तहत चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों की अध्यक्षता वाली 9 टीमें काम कर रही हैं।

<img src="images/p3.png" पॉलीथिन के चालान काटे जा रहे हैं।

<img src="images/p3.png" बलक जेनरेटर (होटल वगैरह) जिन्होंने वेस्ट ठिकाने लगाने के लिए अपने स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट नहीं लगाए हैं उनके चालान काटे जा रहे हैं।

<img src="images/p3.png" गार्बेज बर्निंग के चालान काटे जा रहे हैं।

<img src="images/p3.png" पब्लिक और कम्युनिटी टॉयलेट्स की सफाई करवाई जा रही है।

<img src="images/p3.png" निगम हद में रेलवे ट्रैक, नेशनल हाईवे, मंडियों की सफाई करवाई जा रही है।

<img src="images/p3.png" कामर्शियल व रिहायशी इलाकों में जागरुकता के लिए पम्फ्लेट बांटे जा रहे हैं।

<img src="images/p3.png" कामर्शियल जगहों पर दिन में दो बार सफाई करवाई जा रही है।

<img src="images/p3.png" लोगों को अवेयर करने के लिए स्कूलों और इलाकों में नुक्कड़ नाटक करवाने शुरू किए गए हैं।

<img src="images/p3.png" स्वच्छता एप डाउनलोड कराई जा रही है, पिछली बार पार्षदों को साथ जोड़ कर ऐप डाउनलोड करवाई गई थी।

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