गोल्डन गर्ल मनु भाकर को पगड़ी बांध व डेढ़ करोड़ का चैक देकर सीएम ने किया सम्मानित

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ऐलान किया है कि राज्य सरकार की नई खेल नीति में छोटे से छोटा खिलाड़ी भी नौकरी से वंचित नहीं रहेगा। खिलाडिय़ों के लिए एचसीएस/एचपीएस से लेकर ग्रुप डी तक की भर्तियों में आरक्षण का प्रावधान किया जा रहा है। सरकारी प्रवक्ता ने चंडीगढ़ में बताया कि मुख्यमंत्री आज झज्जर की बेटी शूटिंग में गोल्डन गर्ल मनु भाकर को पगड़ी बांधकर व डेढ़ करोड़ रूप का चैक देकर सम्मानित किया। उन्होंने जिले के पहलवान स्वर्ण पदक विजेता बजरंग पूनिया व कांस्य पदक विजेता सोमवीर के परिजनों का भी सम्मान किया। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में देश की दो प्रतिशत आबादी वाले हरियाणा ने 33 प्रतिशत मैडल हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया है। ऐसे में हरियाणा के सभी विजेता खिलाडिय़ों के साथ-साथ प्रतिभागी खिलाड़ियों को नई खेल नीति के अनुसार सम्मानित किया जाएगा। ख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं का शारीरिक बल सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए हरियाणा में नई खेल नीति बनाई गई है जिसके तहत ग्रामीण परिवेश के युवाओं को बेहतर खेल के अवसर गांव में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जो ग्राम पंचायतें दो एकड़ भूमि देंगी वहां सरकार की ओर से पंचायती राज विभाग के माध्यम से व्यायामशालाएं खोली जा रही हैं और उनमें कुशल योग प्रशिक्षक के साथ ही सरकार की ओर से खेल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। आज देश हरियाणा प्रदेश के खिलाड़ियों के बलबूते दुनिया में अपना वर्चस्व कायम कर रहा है और उन्हें पूरा विश्वास है कि जिस प्रकार इस बार पदकों की तालिका में हम तीसरे स्थान पर रहे हैं आने वाले समय में हम दुनिया में पहले नंबर पर खड़े होंगे। उन्होंने खुशी जताई कि आज हमारी बेटियों ने खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय भागीदारी निभाई है। उन्होंने कहा कि खेल की बढिय़ा पौध तैयार करने के लिए प्रदेश में नई खेल नर्सरी खोली जा रही हैं और उनमें कुशल प्रशिक्षक के साथ ही अन्य खेल सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने गोल्डन गर्ल मनु भाकर के साथ ही पहलवान बजरंग पूनिया व सोमवीर के परिजनों को सम्मानित करते हुए कहा कि हरियाणा प्रदेश के कुल 38 खिलाडिय़ों में से 22 खिलाडिय़ों ने मैडल प्राप्त कर प्रदेश को गौरवांवित किया है और शेष रहे 16 प्रतिभागी खिलाडिय़ों को सरकार की ओर से साढ़े सात-साढ़े सात लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि देते हुए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कुश्ती, कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों के लिए खेल महाकुंभ का आयोजन कर खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता बजरंग पूनिया के पिता बलवान सिंह व कांस्य पदक विजेता सोमवीर की माता श्रीमती सुनीला को भी सम्मानित किया।