कंप्यूटर अध्यापकों ने पंजाब सरकार के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया

बठिंडा  – कंप्यूटर फैकल्टी एसोसिएशन की जिला इकाई की बैठक रविवार को टीचर्स होम में प्रदेश प्रधान प्रदीप मलूका की प्रधानगी में हुई। कंप्यूटर अध्यापकों ने पंजाब सरकार के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया। डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के बाहर रोष यूनियन के प्रदेश प्रधान प्रदीप मलूका ने कहा कि पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग के तरफ से अध्यापक की सेवाओं को रेगुलर करने संबंधी पहले तीन साल कम सेलरी पर काम करने की बात कही थी अब सरकार अपने बयान से पलट रही है। उन्होंने बताया कि कंप्यूटर अध्यापकों की भर्ती साल 2005 को कांग्रेस सरकार के समय पर की गई थी। पंजाब सरकार की तरफ से आइसीटी प्रोजेक्ट में सरकारी स्कूलों में छात्रों को कंप्यूटर की शिक्षा देने के लिए अध्यापकों को भर्ती किया गया था, उस समय अध्यापकों को 4500 रुपये में ठेके पर रखा गया था। इसके बाद कंप्यूटर अध्यापकों को छह साल का लंबा संघर्ष करने के बाद साल 2011 में पंजाब सरकार ने वोकेशनल अध्यापक के बराबर पूरा ग्रेड दे दिया गया था। प्रदेश प्रधान ने बताया कि अब सरकार उन्हें फिर से ठेके पर रखने की बात कह रही है जिसका विरोध यूनियन कर रही है। प्रधान मलूका ने कहा कि सरकार का यह फैसला उन्हें किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने ऐसा कदम उठाया तो उनकी यूनियन को मजबूरन सरकार के खिलाफ संघर्ष करना पड़ेगा। रोष धरने में यूनियन मेंबरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

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