आधी रात को रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड की सुरक्षा होती है रामभरोसे

एक ओर शहर की अमन-शांति के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है लेकिन वहीं दूसरी ओर शहर के रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की आधी रात के बाद से सुरक्षा रामभरोसे छोड़कर पुलिस कर्मी गायब हो जाते हैं जिसका नतीजा यह निकलता है कि देर रात को स्टेशन व बस स्टैंड पर आने वाली सवारियों को कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अक्सर उनसे लूट होती है, कइयों से मारपीट की घटनाएं सामने आती हैं पर इसके बावजूद शहर में मुख्य स्थानों पर सुरक्षा के प्रति कमिश्नरेट पुलिस लापरवाह दिखाई दे रही है।

सुरक्षा का जायजा लिया जाएगा : डी.सी.पी.
मामले बारे डी.सी.पी. गुरमीत सिंह का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर तो रेलवे पुलिस का पहरा रहता है व कमिश्नरेट पुलिस की भी तैनाती होती है। अगर देर रात को पुलिसकर्मी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से गायब रहते हैं तो यह गंभीर बात है। इन दोनों स्थानों के अलावा शहर के अन्य मुख्य स्थानों पर सुरक्षा का जायजा लिया जाएगा व अगर जरूरत पड़ी तो सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। देर रात के लिए स्पैशल टीमों को तैनात करते हुए सुरक्षा चौकस की जाएगी।

कमिश्नर साहब ए.सी. दफ्तर से आएं बाहर : किशन लाल शर्मा
मामले बारे पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच के पंजाब प्रधान किशन लाल शर्मा ने कहा कि एक ओर शहर के मुख्य स्थानों पर पंजाब पुलिस के कर्मचारी देर रात को गायब रहते हैं तो दूसरी ओर शहर में जातिवाद के नाम पर माहौल बिगड़ा हुआ है। ऐसे में पुलिस कमिश्नर को ए.सी. दफ्तर से निकलकर देर रात को शहर के मुख्य स्थानों की चैकिंग करनी चाहिए। गत दिनों पठानकोट में 2 संदिग्ध फौज की वर्दी में देखे गए थे। ऐसे असामाजिक तत्वों का टार्गेट रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड ही होते हैं, इसलिए पुलिस कमिश्नर को चाहिए कि इन स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया की जाए। रात 12 बजे के बाद अगर सुरक्षाकर्मी गायब ही रहेंगे तो फिर काहे की सुरक्षा?

इसी कारण नहीं रुक रही स्टेशन के आसपास गुंडागर्दी : सुदेश विज
मामले बारे कांग्रेसी नेता सुदेश विज का कहना है कि रेलवे स्टेशन के आसपास देर रात को जो गुंडागर्दी का नंगा नाच होता है, लोगों की लूट होती है, मारपीट होती है वह तभी नहीं रुक रही क्योंकि देर रात पुलिस वाले जो लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात होने चाहिएं वो शायद आराम फरमाने चले जाते हैं। स्टेशन से दोमोरिया पुल और मदन फ्लोर मिल चौक के बीच देर रात को शरारती तत्वों द्वारा हंगामा किया जाना आम बात हो गई है, इसलिए पुलिस कमिश्नर को चाहिए कि वह रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड के आसपास पी.सी.आर. टीमों की पक्के तौर पर तैनाती करें। साथ ही रेलवे स्टेशन के बाहर और अंदर 24 घंटे के लिए सुरक्षा तैनात की जाए।