अदालत से सुरक्षा मांगने आया इंस्पैक्टर बाजवा गिरफ्तार

शाहकोट क्षेत्र के कांग्रेस उम्मीदवार हरदेव सिंह लाडी विरुद्ध रेत की चोरी बाजारी का केस दर्ज करने के बाद चर्चा में आए मेहतपुर थाने के इंचार्ज परमिन्द्र सिंह बाजवा को आज पुलिस ने जालन्धर की अदालत से सुरक्षा मांगने गए को अदालती काम्पलैक्स में से ही गिरफ्तार कर लिया। थाना नई बारादरी में ले जाने के बाद उस पर सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी में रुकावट डालने की आई.पी.सी. की धारा 353/186 एवं हथियार लेकर डराने-धमकाने की धारा 27/54 अधीन मुकद्दमा दर्ज कर लिया गया। इंस्पैक्टर बाजवा ने 4 मई को प्रात:काल चुनाव कमिशन द्वारा भेजी शिकायत पर हरदेव सिंह लाडी पर दो और लोगों के जान-माल तथा माइनिंग अधिकारियों विरुद्ध रेत की नाजायज़ खुदाई के आरोप अधीन मुकद्दमा दर्ज किया था। कांग्रेस उम्मीदवार विरुद्ध पर्चा दर्ज होने कारण प्रदेश की राजनीति एकदम गर्मा गई तथा पुलिस अधिकारियों में भी अफरा-तफरी मच गई। जब इंस्पैक्टर बाजवा दर्ज एफ.आई.आर. के हक में डट गया तो मामला और भी उलझ गया तथा इस मामले को लेकर बाजवा विरुद्ध भी आरोप शुरू हो गए। पुलिस अधिकारियों ने पहले बाजवा को दो दिन छुट्टी पर भेजा, परन्तु जब वह फिर भी डटा रहा तो पहले पांच दिन के लिए छुट्टी मंजूर कर दी, परन्तु जब उसने सरकार तथा अधिकारियों का पर्दाफाश कर दिया तो उसको गैर हाजिर करार देकर गनमैन तथा सरकारी हथियार वापिस ले लिए। इंस्पैक्टर बाजवा आरोप लगातार लगा रहा है कि उस पर सरकार तथा अफसर भारी दबाव डाल रहे हैं तथा यह भी कह रहा है कि उसको सरकार तथा पुलिस से भी खतरा है। विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पुलिस द्वारा गनमैन तथा सरकारी हथियार वापिस लिए जाने के बाद इंस्पैक्टर बाजपा सुरक्षा लेने के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहा था। जालन्धर के एडवोकेट संदीप शर्मा ने बताया कि वह दो दिन से हाईकोर्ट में जाने के लिए उससे सलाह-मशविरा कर रहा था। इंस्पैक्टर बाजवा गत रात से अदालती काम्पलैक्स के बिल्कुल सामने बने प्रैजीडैंट कोर्ट में ठहरा हुआ था। गिरफ्तारी के समय अदालती काम्पलैक्स में से बाहर ले जाते जाने के मौके मीडिया के साथ बातचीत करते बाजवा ने बताया कि सुबह 10 बजे दो-तीन पुलिस अधिकारी होटल में उस बारे पूछताछ करने आए तो वह खतरा भांपते भेष बदलकर सुरक्षा के लिए पुकार करने के लिए सैशन जज की अदालत चला गया। वहां उसने जाते अपनी शिनाख्त बताकर यह भी खुलासा किया कि उसके पास लाईसैंसी पिस्तौल है। इस मौके बाजवा का लाईसैंसी हथियार अदालती सुरक्षा अमले के हवलदार कुलदीप सिंह ने अपने कब्जे में ले लिया। एडवोकेट संदीप शर्मा ने बताया कि वह उस समय सैशन जज की अदालत में इंस्पैक्टर बाजवा को मिले तथा बाजवा ने एक लिखित बयान सुरक्षा मुहैया करवाने करने के लिए उनको दिया। इंस्पैक्टर बाजवा ने इस मौके अपना भेष बदला हुआ था। उसने दाड़ी की शेव की हुई थी तथा सिर पर परना तथा कैपरी डाली हुई थी। श्री शर्मा ने बताया कि सैशन जज ने बताया कि पुलिस सुरक्षा मुहैया करने बारे आदेश केवल हाईकोर्ट ही सुना सकती है। इतने में वहां आए बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बलविन्द्र सिंह को भी सैशन जज ने बुलाकर कहा कि बाजवा को बताओ कि उनकी अदालत इस बारे कोई फैसला नहीं दे सकती। उक्त दोनों वकीलों ने बताया कि फिर बाजवा ने अदालत को प्रार्थना की कि कम से कम हाईकोर्ट जाने के लिए सुरक्षा मुहैया करने के लिए अंतिम आदेश तो जारी कर दो। इस पर माननीय जज ने कहा कि आप कानूनी प्रक्रिया अनुसार अर्जी लेकर आओ, विचार कर लेंगे। उन्होंने बताया कि हम सैशन कोर्ट रूम में तीन लोग निकल ही रहे थे कि भारी संख्या में वहां खड़ी पुलिस ने उनको घेरा डाल लिया। एडवोकेट संदीप शर्मा ने कहा कि मैंने पुलिस अधिकारियों को कहा कि बताओ कौन से केस में पकड़ रहे हो या गिरफ्तारी वारंट दिखाओ। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारी घेरा डालकर बाजवा को बाहर ले गए तथा जब इलैक्ट्रानिक मीडिया वाले बाजवा के साथ बात कर रहे थे तो धक्कामुक्की करके बाजवा को गाड़ी में बिठा लिया तथा नई बारादरी थाने ले गए। श्री शर्मा ने कहा कि वह थाने गया, परन्तु उसको अंदर नहीं जाने दिया तथा ना ही बाजवा को मिलने दिया। पुलिस ने बाद में बताया कि बाजवा को अदालती सुरक्षा अमले में तैनात ए.एस.आई. सुखविन्द्र सिंह के बयानों पर सी.जे.एम. अशीष अबरोल की अदालत द्वारा भेजी शिकायत के आधार पर सरकारी कर्मचारियों के काम में रुकावट डालने तथा हथियार दिखाकर धमकाने का केस दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया कि बाजवा उनके द्वारा कहे जाने के बावजूद अदालत में जाने से नहीं रुका तथा उनके साथ धक्का-मुक्की हुआ तथा हथियार लेकर अदालत में दाखिल हो गया। शाम को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट राहुल कुमार की रिहायश पर भाजवा को पेश किया गया तथा अदालत द्वारा उनको 14 दिन के लिए अदालती हिरासत में भेज दिया गया। जालन्धर के पुलिस कमिश्नर ने इस बारे जानकारी देने के लिए शाम 7 बजे पत्रकार सम्मेलन बुलाया, परन्तु अंतिम मौके रद्द कर दिया गया।